काठमाडौं। लघुवित्त वित्तीय संस्थाहरुको नाफामा उल्लेख्य सुधार भएको छ। गत आर्थिक वर्ष २०८२/८३ मा लघुवित्तहरुले नाफा ७१.९२ प्रतिशतले बढाएका छन्।
अघिल्लो वर्ष ५ अर्ब ७३ करोड रुपैयाँ नाफा गरेका लघुवित्तहरुले गत आर्थिक वर्ष ९ अर्ब ८६ करोड रुपैयाँ कमाएका छन्। कर्जा नोक्सानी कम हुँदा लघुवित्त संस्थाहरुको नाफामा सुधार भएको हो।
गत आर्थिक वर्षको वित्तीय विवरण सार्वजनिक गरेका ४२ मध्ये ३६ लघुवित्तले नाफा बढाएका छन्। विजय लघुवित्तको नाफा १६ सय गुणाले वृद्धि भएको छ। अघिल्लो वर्ष नाफा १ लाख ३४ रुपैयाँमा सीमित रहेकामा कम्पनीले गत वर्ष १९ करोड ६१ लाख रुपैयाँ खुद नाफा गरेको छ।
अभियान लघुवित्तको नाफा झन्डै ४७ गुणाले बढेको छ। छिमेक लघुवित्तले सबैभन्दा धेरै १ अर्ब २९ करोड रुपैयाँ खुद नाफा गरेको छ। जीवन विकास लघुवित्तले १ अर्ब ८ करोड रुपैयाँ नाफा कमाएको छ। कम्पनीको नाफा अघिल्लो वर्ष ७० करोड ७५ लाख रुपैयाँ थियो।
लघुवित्त बैंकर्स संघका अध्यक्ष रामबहादुर यादवले ऋण असुलीसँगै प्रोभिजिनङ घट्दा नाफा सुधारिएको बताए। उनका अनुसार घट्दो ब्याजदरका कारण कष्ट अफ फण्ड कम हुँदा ब्यालेन्स सिट राम्रो भएको हो।
‘हाम्रो पुँजीको स्रोत बैंकहरु हुन्। बैंकको बेसरेट कम हुँदै आइरहेका हाम्रो खर्च कम भएको छ,’ उनले भने, ‘ब्याजदर घटेका कारण ऋणीको क्षमता बढेर असुली बढ्यो। त्यसले नाफा वृद्धिमा सहयोग पुग्यो।’
आधा दर्जन लघुवित्तको नाफा भने खुम्चिएको छ। साना किसान विकास लघुवित्त, हिमालयन लघुवित्त, मिथिला, गुराँस, निर्धन उत्थान र श्रृजनशील लघुवित्तको नाफा खुम्चिएको हो। हिमालयन लघुवित्तको नाफा सबैभन्दा धेरै ८५.५ प्रतिशतले खुम्चिएको छ। गुराँस लघुवित्तको नाफा ३.५२ प्रतिशत घटेको छ। वीन नेपालको नाफा सबैभन्दा कम ८३ लाख रुपैयाँमा सीमित छ।
लघुवित्तहरुले ब्यालेन्स सिट राम्रो बनाउने क्रममा ब्याज आम्दानी बढाएका छन्। अघिल्लो वर्ष ब्याज आम्दानी २७ अर्ब ८० करोड रुपैयाँ रहेकामा लघुवित्तहरुले गत वर्ष ३१ अर्ब ५२ करोड आम्दानी गरेका छन्।
ऋण असुली सुस्त देखिए पनि कर्जा नोक्सानीमा पहिले नै धेरै रकम छुट्याएका कारण नाफामा सुधार भएको अर्का एक लघुवित्तका सीइओले बताए।
‘पछिल्लो २/३ वर्षदेखि नयाँ व्यवसाय विस्तार कमजोर छ। लगानी नै नभएपछि थप कर्जा नोक्सानी बढ्ने कुरा भएन,’ ती सीइओले बिजमाण्डूसँग भने, ‘कोभिडपछि बिग्रिंदै आएको कर्जाको लागि अघिल्ला वर्षहरुमा धेरै प्रोभिजनिङ भइसकेका कारण यसपालि थप भार परेन। त्यसले नाफाको ग्रोथ राम्रो देखिएको हो।’
लघुवित्तहरुको वित्तीय अवस्था
| लघुवित्त संस्था | २०८२/८३ नाफा (दश लाखमा) | २०८१/८२ नाफा (दश लाखमा) | नाफा फरक (प्रतिशत) | २०८२/८३ ब्याज आम्दानी (दश लाखमा) | २०८१/८२ ब्याज आम्दानी (दश लाखमा) |
| फर्स्ट माइक्रोफाइनान्स | १९०७ | १०९८ | ७३.६८ | २२७४ | २११६ |
| आरएसडीसी | १३८२ | १०१८ | ३५.७६ | १९१५ | २२३६ |
| साना किसान विकास | ६५३१ | ८७५० | -२५.३६ | १२७३९ | १७९६३ |
| आत्मनिर्भर | ६२३ | ४४७ | ३९.३७ | १५३६ | १३५७ |
| महुली | १९३२ | १७०० | १३.६५ | ४९७४ | ३५५९ |
| हिमालयन | १०६६ | ७१४६ | -८५.०८ | ४४२१ | ३७०८ |
| आरम्भ चौतारी | १०२० | ८८० | १५.९१ | ४७४५ | ३७२६ |
| डिप्रोक्स | ९८९ | ५७६ | ७१.७ | २१८५६ | १८९३० |
| लक्ष्मी | १०६८ | ४७२ | १२६.२७ | ५०६५ | ४८०१ |
| स्वाभिमान | ५१८ | ४०५ | २७.९ | २३७३ | १९६२ |
| विजय | १९६१ | ०.१ | १६६०९०० | ७२२४ | ६४७१ |
| मिथिला | ५१३ | ७१६ | -२८.३५ | २४५६ | २०७३ |
| नेरुडे मिर्मिरे | २३५९ | -१८२५ | -२२९.२६ | १२९४३ | १४४८८ |
| कालिका | १२२८ | ३०३ | ३०५.२८ | ४७०९ | ३५६७ |
| सपोर्ट | ७६१ | २७० | १८१.८५ | १८४९ | १३६४ |
| उपकार | ५६१ | १५९ | २५२.८३ | २१५३ | १७६८ |
| अभियान | १४२६ | ३० | ४६५३.३३ | ३११६ | १२२६ |
| युनिक नेपाल | ५१० | -३८६ | -२३२.१२ | २६१३ | २३६१ |
| आशा | २६१९ | १०२६ | १५५.२६ | ८८४५ | ७५४० |
| धौलागिरी | २०९ | -२९९ | -१६९.९ | १५१२ | १५४१ |
| फरवार्ड | ६२३५ | -३६४५ | -२७१.०६ | १५१७७ | १४०२३ |
| गणपति | ४३४ | -३२५ | -२३३.५४ | १७४१ | १६२७ |
| ग्रामिण | २६६७ | ७०९ | २७६.१६ | १३८३५ | ८७४७ |
| गुराँस | ४११ | ४२६ | -३.५२ | १८४९ | १५६९ |
| जीवन विकास | १०८२२ | ७०७५ | ५२.९६ | २३५०८ | २१०१५ |
| मानुषि | २६९ | -३५० | -१७६.८६ | १०५० | ९४७ |
| मेरो माइक्रोफाइनान्स | १२५८ | ८५५ | ४७.१३ | १२०४४ | ९४८४ |
| नेसनल | ८९१३ | ५७९५ | ५३.८१ | २०६४२ | १७२५० |
| निर्धन उत्थान | ३५०९ | १००२६ | -६५ | १८८४५ | १९०५४ |
| समता घरेलु | ११९१ | ७.७६ | १५२४७.९४ | ४७१८ | ३७७३ |
| सूर्योदय वोमी | २१७८ | ३६० | ५०५ | १०१११ | ७८६२ |
| वीन नेपाल | ८३ | ९ | ८२२.२२ | ६४१ | ६०९ |
| सीवाईसी | २९४८ | -९०० | -४२७.५६ | ४५५१ | ४८०७ |
| ग्लोबल | ४०११ | ७४९ | ४३५.५१ | १००७४ | ७५१० |
| इन्फिनिटी | १८२३ | -६३९ | -३८५.२९ | ४७९१ | ३६३२ |
| नाडेप | १४३३ | ५३७ | १६६.८५ | ४८७१ | ४०१० |
| नेष्डो | १३७० | -८९८ | -२५२.५६ | २९५३ | २८२१ |
| एनएमबि | १४७४ | १४७ | ९०२.७२ | ६४३४ | ४३९० |
| सम्पदा | २२७९ | १६४ | १२८९.६३ | ८४७० | ६१५४ |
| श्रृजनशील | ३३७ | ४५० | -२५.११ | १९०७ | १६८८ |
| स्वरोजगार | ३११७ | २२०६ | ४१.३ | ७५८६ | ६०९३ |
| छिमेक | १२९८९ | १२१२८ | ७.१० | ३००८४ | २८१९४ |
| जम्मा | ९८६३४ | ५७३७२ | ७१.९२ | ३१५२०० | २७८०१६ |
लघुवित्त संस्थाहरुले औसत खराब कर्जा घटाएका छ। अघिल्लो वर्षको तुलनामा औसत खराब कर्जा ०.६८ प्रतिशत विन्दुले घटेको छ। अघिल्लो वर्ष ११.६० प्रतिशत रहेको औसत खराब कर्जा गत वर्षको असार मसान्तमा १०.९२ प्रतिशतमा झरेको छ। खराब कर्जा कम हुनु ऋण असुलीमा सुधारको संकेत हो।
‘अघिल्ला वर्षहरुमा लघुवित्तविरुद्धका अभियानले ऋण असुली प्रभावित भएको थियाे,’ यादवले भने, ‘तर पछिल्लो समय ऋणीहरु ऋण तिर्न आइरहनु भएको छ। जसले गर्दा कर्जा असुलीमा सुधार देखिएको हो।’
२३ लघुवित्तले खराब कर्जा घटाएका छन्। नेरुडे मिर्मिरे लघुवित्तको खराब कर्जा सबैभन्दा धेरै ११.७८ प्रतिशत विन्दुले घटेको छ। अघिल्लो वर्ष यस लघुवित्तको खराब कर्जा ३१.६४ प्रतिशत रहेकामा अहिले १९.८६ प्रतिशतमा आएको छ।
खराब कर्जा इन्फिनिटी लघुवित्तको ८.४७ प्रतिशत र सूर्योदय बीमा लघुवित्तको ६.०८ प्रतिशत विन्दुले घटेको छ। खराब कर्जा सबैभन्दा कम हुनेमा सपोर्ट लघुवित्तको छ। २०८३ असार मसान्तमा यस लघुवित्तको खराब कर्जा २.१६ प्रतिशत छ। अघिल्लो वर्ष यो लघुवित्तको खराब कर्जा ५.७६ प्रतिशत थियो।
साना किसान लघुवित्त र फर्स्ट माइक्रोफाइनान्सको खराब कर्जा पनि ३ प्रतिशतभन्दा कम छ। साना किसानको २.९२ प्रतिशत र फर्स्ट माइक्रोफाइनान्सको २.८८ प्रतिशत छ।
१९ वटा लघुवित्तको खराब कर्जा भने वृद्धि भएको छ। स्वाभिमान लघुवित्तको खराब कर्जा सबैभन्दा धेरै ६.६३ प्रतिशत विन्दुले बढेको छ। स्वाभिमानको खराब कर्जा अघिल्लो वर्ष ४.२० प्रतिशत रहेकामा अहिले १०.८३ प्रतिशत पुगेको छ।
खराब कर्जा वीन नेपाल लघुवित्तको ५.४३ प्रतिशत र उपकार लघुवित्तको ५.१२ प्रतिशत विन्दुले बढेको छ।
खराब कर्जा असुलीमा सुधारका कारण प्रोभिजनिङ घट्दा लघुवित्त संस्थाहरुको पुँजीकोष अनुपातमा सुधार देखिएको छ। अर्थात लघुवित्तको लगानी क्षमता बढेको छ।
केहीलाई पुँजीकोषको चाप देखिए पनि सम्रगमा लघुवित्तहरु व्यवसाय थप विस्तार गर्न सक्ने स्थिति रहेको देखाएको हो।
नियामकीय प्रावधान अनुसार लघुवित्त संस्थाले ८ प्रतिशत पुँजीकोष कायम गर्नुपर्छ। लघुवित्तको यस्तो अनुपात झन्डै १२ प्रतिशत नजिक छ।
| लघुवित्त संस्था | २०८२/८३ खराब कर्जा (प्रतिशतमा) | २०८१/८२ खराब कर्जा (प्रतिशतमा) | २०८२/८३ पुँजीकोष अनुपात (प्रतिशतमा) |
| फर्स्ट माइक्रोफाइनान्स | २.८८ | ३.८४ | ३५.४३ |
| आरएसडीसी | ३.९२ | ३.३४ | २७.७२ |
| साना किसान | २.९६ | २.६५ | १७.३१ |
| आत्मनिर्भर | १०.७८ | १२.८ | १५.७३ |
| महुली | ९.८ | १२.१६ | १०.६१ |
| हिमालयन | ९.०४ | ७.४८ | ११.१८ |
| आरम्भ चौतारी | ६.०१ | ५.५८ | ९.२६ |
| डिप्रोक्स | ६.४९ | ११.३ | १४.९६ |
| लक्ष्मी | ११.९३ | १०.४५ | १०.३९ |
| स्वाभिमान | १०.८३ | ४.२ | ८.६३ |
| विजय | १७.३७ | १८.०४ | ८.८९ |
| मिथिला | ९.८९ | ९.८ | ११.५ |
| नेरुडे मिर्मिरे | १९.८६ | ३१.६४ | ९.३८ |
| कालिका | ९.७८ | ८.२७ | ११.६७ |
| सपोर्ट | २.१६ | ५.७६ | १०.९२ |
| उपकार | ९.९७ | ४.८५ | ८.२३ |
| अभियान | ७.४१ | ८.४१ | ८.९५ |
| युनिक नेपाल | १९.४३ | १९.२५ | ६.७६ |
| आशा | ८.५७ | ६.४९ | १०.५६ |
| धौलागिरी | २०.५२ | २२.४४ | ७.५७ |
| फरवार्ड | १६.१७ | १९.८६ | ९.१७ |
| गणपति | १३.७९ | १५.१ | ८.६५ |
| ग्रामिण | ६.७२ | ९.९६ | ११.३४ |
| गुराँस | ८.०९ | ४.३२ | ८.४९ |
| जीवन विकास | ५.३३ | ६.६५ | १३.५६ |
| मानुषि | ८.६ | ११.३७ | ५.७ |
| मेरो माइक्रोफाइनान्स | १७.३२ | १४.९१ | १०.३५ |
| नेसनल | ४.१६ | ५.४५ | १३.९१ |
| निर्धन उत्थान | १२.८ | ९.९१ | १२.११ |
| समता घरेलु | १३.२२ | १३.५३ | १२.६८ |
| सूर्योदय वोमी | १२.५८ | १८.६६ | ११.५१ |
| वीन नेपाल | १६.१२ | १०.६९ | ८.०८ |
| सीवाईसी | १४.०४ | ११.२७ | ८.६ |
| ग्लोबल | ८.७ | १०.१६ | १२.३ |
| इन्फिनिटी | १२.९२ | २१.३९ | ११.४४ |
| नाडेप | १५.३६ | १४.१४ | ८.७५ |
| नेष्डो | २०.६६ | २१.०६ | १५.०६ |
| एनएमबि | १३.१ | १५.५१ | ११.०५ |
| सम्पदा | ११.८७ | १७.६ | १०.८६ |
| श्रृजनशील | ११.४८ | ९.७९ | ९.९९ |
| स्वरोजगार | ६.६५ | ७.५९ | १२.६७ |
| छिमेक | २.३ | २.५५ | १७.०१ |
| जम्मा | १०.७५ | ११.४३ | ११.७ |










