काठमाडौं। कर्जा नोक्सानी घट्दा अधिकांश विकास बैंकहरुले नाफा बढाएका छन्। चालु आर्थिक वर्ष २०८२/८३ को दोस्रो त्रैमास (पुस मसान्त)सम्म अधिकांश विकास बैंकहरुले नाफा बढाएका हुन्।
ऋण असुली विस्तारै हुँदै हुँदै प्रोभिजनिङ घट्दा अधिकांश बैंकहरुले दोस्रो त्रैमासम्ममा नाफा बढाउन सफल भएका छन्। वित्तीय विवरण सार्वजनिक गरेका ९ मध्ये ७ बैंकले नाफा बढाउदा दुइ बैंक नोक्सानीमा देखिएका छन्।
सांग्रिला डेभलपमेन्ट बैंक, कामना सेवा, गरिमा, लम्बिनी, महालक्ष्मी, मितेरी र ग्रीन डेभलपमेन्ट बैंकले नाफा बढाउन सफल भएका छन्। हालै आइपीओ निष्कासन गरेको सालपा विकास बैंक र सिन्धु विकास बैंकको नाफा ऋणात्मक देखिएको छ।
पुस मसान्तसम्म मितेरी डेभलपमेन्ट बैंकको नाफा सबैभन्दा धेरै १२०.२५ प्रतिशतले बढेको छ भने महालक्ष्मी विकास बैंकको नाफा ६.४१ प्रतिशतले बढेको छ।
६ महिनामा गरिमा विकास बैंकले सबैभन्दा धेरै ६३ करोड ५१ लाख खुद नाफा गरेको छ।
| बैंक | २०८२/८३ पुससम्म नाफा | २०८१/८२ पुससम्म नाफा | नाफा फरक (प्रतिशतमा) |
| सांग्रिला डेभलपमेन्ट | ३०२५९७८३८ | १९६५६१३०० | ५३.९५ |
| कामना सेवा | ३९४५५०५६९ | ३२२४९३२१४ | २२.३४ |
| गरिमा | ६३५१३०८०९ | ५४९२६६३०८ | १५.६३ |
| लुम्बिनी | २८५३७७३०८ | १४७६१८९९६ | ९३.३२ |
| महालक्ष्मी | ३०५९३१०८९ | २८७४९९९३७ | ६.४१ |
| मितेरी | ५७००५६३३ | २५८८१७४६ | १२०.२५ |
| सालपा | -२०४०१२०३.८१ | -१३९२९७७.६३ | – |
| ग्रीन डेभलपमेन्ट | ११००२८९९ | ८७२९३८० | २६.०४ |
| सिन्धु विकास बैंक | -१५४६८१२२ | ४८७०४१२३ | – |











