काठमाडौं। ऋण असुली प्रभावित हुँदा वाणिज्य बैंकहरूको नाफामा संकुचन आएको छ। चालु आर्थिक वर्ष २०८२/८३ को पहिलो पाँच महिनामा वाणिज्य बैंकहरूको नाफा १३.११ प्रतिशतले खुम्चिएको हो।
वाणिज्य बैंकहरूले साउनदेखि मंसिरसम्म २५ अर्ब ७२ करोड रुपैयाँ खुद नाफा आर्जन गरेका छन्। गत वर्ष सोही अवधिमा बैंकहरूले ३० अर्ब ५९ करोड रुपैयाँ मुनाफा कमाएका थिए।
ऋण असुली प्रभावित भइ बढेको नोक्सानीले नाफा घटेको बैंकरहरु बताउँछन्। साथै कर्जा लगानी बढाउन नसक्दा थुप्रिएको निक्षेपले बैंकहरुको लागत बढेको छ।
चालु वर्ष पहिलो पाँच महिनामा २० मध्ये १४ बैंकको नाफा खुम्चिंदा ५ बैंकले बढाएका छन्। कृषि विकास बैंकको विवरण सार्वजनिक भएको छैन।
सानिमा, माछापुच्छ्रे, सिद्धार्थ, ग्लोबल आइएमई र राष्ट्रिय वाणिज्य बैंकले नाफा बढाएका छन्। राष्ट्रिय वाणिज्य बैंकको नाफा सबैभन्दा धेरै २६.४४ प्रतिशतले बढेको छ। माछापुच्छ्रे बैंकको नाफा सबैभन्दा कम १.९५ प्रतिशतले वृद्धि भएको छ।
सबैभन्दा धेरै नाफा गर्नेमा ग्लोबल आइएमई बैंक छ। ग्लोबलले ३ अर्ब २२ करोड रुपैयाँ नाफा गरेको छ।
कुन बैंकको नाफा कति ?
| बैंक | २०८२/८३ साउन-मंसिर (नाफा १० लाखमा) | २०८१/८२ साउन-मंसिर (नाफा १० लाखमा) | फरक (प्रतिशत) |
| नबिल | ३,११७.७१ | ३,४९७.४१ | -१०.८६ |
| एभरेष्ट | १,८९६.८५ | १,९४०.२६ | -२.२४ |
| माछापुच्छ्रे | ८४३.५५ | ८२७.४४ | १.९५ |
| कुमारी | १,५२४.७९ | १,९९३.२२ | -२३.५ |
| सिद्धार्थ | १,००१.७९ | ९७९.०४ | २.३२ |
| सिटिजन्स | २४३.७६ | ६९४.९४ | -६४.९२ |
| कृषि विकास | ४१७.१ | – | – |
| एनएमबि | १,६५५.७८ | १,९०६.४४ | -१३.१५ |
| सानिमा | १,०६२.८७ | ९०४.१२ | १७.५६ |
| हिमालयन | १,१३१.५९ | १,३३७.११ | -१५.३७ |
| प्रभु | १,१६७.४१ | १,८३८.४२ | -३६.५ |
| ग्लोबल आइएमई | ३,२२२.६० | २,८३४.४४ | १३.६९ |
| लक्ष्मी सनराइज | ९२६.६३ | १,६४०.७० | -४३.५२ |
| नेपाल एसबिआइ | ९०४.७७ | १,३४८.७२ | -३२.९२ |
| नेपाल | ५९०.४७ | १,५१५.७८ | -६१.०५ |
| प्राइम | १,९२५.९४ | १,९६८.९३ | -२.१८ |
| स्टान्डर्ड चार्टर्ड | १,१६३.७० | १,३७४.५४ | -१५.३४ |
| एनआइसी एशिया | ५९४.५ | ६३३.४ | -६.१४ |
| नेपाल इन्भेष्टमेन्ट | १,२३२.४० | २,४९१.०७ | -५०.५३ |
| राष्ट्रिय वाणिज्य | १,०९६.४९ | ८६७.१९ | २६.४४ |
| जम्मा | २५७२१ | ३०,५९३ | -१३.११ |










