काठमाडौं। फाइनान्स कम्पनीहरुको नाफा धनात्मक भएको छ। आर्थिक वर्ष २०८१/८२ को ६ महिनामा ६५ करोड १ लाख ऋणात्मक रहेको नाफा यो वर्ष दोस्रो त्रैमासमा धनात्मक भएको हो।
चालु आवको दोस्रो त्रैमासमा फाइनान्स कम्पनीले ५३ करोड २० लाख रुपैयाँ खुद नाफा गरेका छन्। नियामकीय सहुलियतसँगै ब्याज आम्दानी बढ्दा र खर्च नियन्त्रणका कारण फाइनान्स कम्पनीहरुको नाफा बढेको हो।
फाइनान्स कम्पनीको ब्याज आम्दानी थोरै बढेको छ। चालु आवको ६ महिनामा फाइनान्स कम्पनीले १ अर्ब ९९ करोड रुपैयाँ ब्याज आम्दानी गरेका छन्। पोहोर ६ महिनामा यस्तो आम्दानी १ अर्ब ७४ करोड थियो।
पोहोर ६ महिनामा ७ वटा फाइनान्सको नाफा ऋणात्मक थियो। चालु आवको ६ महिनामा नाफा ऋणात्मक हुने फाइनान्स ३ वटा छन्।
नेपाल वित्तीय संस्था संघका अध्यक्ष तथा आइसीएफसी फाइनान्सका सीइओ सुनिल पन्त ऋण असुलीमा थोरै सुधार हुँदा नाफा केही बढेको बताउँछन्।
‘ऋण असुली व्यापक सुधार भएको अवस्था होइन। पछिल्लो समय केही सुधार भइरहेको छ,’ उनले भने, ‘बढ्दो प्रोभिजनिङले चुनौती बढिरहेको छ।’
| कम्पनी | २०८२/८३ पुससम्मको नाफा | २०८१/८२ पुससम्मको नाफा | नाफा फरक (प्रतिशत) |
| गुडविल फाइनान्स | १११,७०८,६२० | १०,४८९,७४४ | ९६४.९३ |
| बेष्ट फाइनान्स | १७,४८५,६२४ | -१७,२६२,७६१ | -२०१.२९ |
| नेपाल फाइनान्स | -८७,३४९,३९९ | २०,५०४,०३७ | – |
| पोखरा फाइनान्स | २३३,८२८,४४० | -६३७,९६४,३२८ | – |
| श्री इन्भेष्टमेन्ट फाइनान्स | १२,१६३,५४३ | १४,१६०,३६२ | -१४.१ |
| सेन्ट्रल फाइनान्स | ३९,१९१,३०४ | ३,४९०,२३१ | १०२२.८९ |
| जानकी फाइनान्स | -२२,३८३,५३३.८४ | -१६०,५०९,५८१.६१ | – |
| समृद्धि फाइनान्स | १,१६९,६०० | -६२,८२१,६०८ | – |
| गुहेश्वरी मर्चेन्ट बैंकिङ एण्ड फाइनान्स | १६,८४८,००० | -२१,८८१,००० | – |
| आइसीएफसी फाइनान्स | ३२,०३०,१५३ | १०९,१३२,३६४ | -७०.६५ |
| मल्टीपर्पस फाइनान्स | ७,८३४,७३७.५५ | १२,३८९,९९०.१३ | -३६.७७ |
| प्रोग्रेसिभ फाइनान्स | -२९,२५१,९६० | ८५,३५०,६४३ | – |
| मन्जुश्री फाइनान्स | १३५,३७८,५३० | ११७,०७९,५५९ | १५.६३ |
| रिलायन्स फाइनान्स | १,७२३,००० | -११९,७३९,००० | – |
| गोर्खाज फाइनान्स | ६१,६५७,३२२ | -२,५९८,६९६ | – |
| जम्मा | ५३२,०३३,९८१ | -६५०,१८०,०४४ | – |
घटेको ब्याजदरले कष्ट अफ फण्ड घटेर नाफामा केही सुधार भए पनि बढ्दो खराब कर्जाले कर्जा नोक्सानी थपिएको छ।
चालु आवको ६ महिनामा फाइनान्स कम्पनीहरुको प्रोभिजनिङ बढेको छ। पोहोर ६ महिनामा कम्पनीहरुले ७१ करोड ४२ लाख रुपैयाँ प्रोभिजनिङ गरेकामा अहिले बढेर ८६ करोड ५१ लाख पुगेको छ। प्रोभिजनिङ बढ्दा त्यसले नाफासँगै पुँजीकोषमा समेत असर गर्छ।
| कम्पनी | २०८२/८३ (साउन-पुस)को ब्याज आम्दानी | २०८१/८२ (साउन-पुस)को ब्याज आम्दानी | २०८२/८३ (साउन-पुस)को प्रोभिजनिङ | २०८१/८२ (साउन-पुस)को प्रोभिजनिङ | २०८२/८३ (साउन-पुस)को वितरणयोग्य मुनाफा |
| गुडविल फाइनान्स | ३१,१४०,७२५ | ५५,२२२,४६२ | ७८,४५०,४०६ | -२६,१२९,११७ | -३८४,२५६,२३८ |
| बेष्ट फाइनान्स | ७१,२०८,९०० | -१४,९६१,८१२ | १४,९६१,८१२ | ३४,१८६,५०९ | -५२३,३११,२११ |
| नेपाल फाइनान्स | ३०४,९९८,८०६ | १२०,८७८,४१६ | ६६,९२६,०१९ | ३९,९१२,८८७ | १९,३८२,७६१.७३ |
| पोखरा फाइनान्स | ६७,३७४,०६१ | १४३,०८०,६५३ | ३५५,९९४,५४९ | ५,२६९,५३९ | -१,२२८,७४२,८४३ |
| श्री इन्भेष्टमेन्ट फाइनान्स | ११४,९६९,५२६ | १२९,४२६,२२६ | ४६,२७५,२८७ | ७१,३४४,९६५ | ४,०६९,७३३ |
| सेन्ट्रल फाइनान्स | १०२,५०५,१९५ | १०६,५५७,५३१ | -१,१२७,६४७ | ६७,३०३,६९० | -२७६,०४७,५१० |
| जानकी फाइनान्स | ५६,७८५,००३.६० | ९९,६८९,३१५.१९ | ५५,९३१,५७७.५० | २२८,८९८,६३८.९३ | |
| समृद्धि फाइनान्स | ३५,९४१,१५३ | ३८,७६०,७५८ | -१६,९४६,०९७ | ६१,२४५,४९१ | -६१७,४००,३३१ |
| गुहेश्वरी मर्चेन्ट बैंकिङ एण्ड फाइनान्स | १०६,५३२,००० | ८१,०४७,००० | ११,५९४,००० | ३९,४४३,००० | -३२,२९२,००० |
| आइसीएफसी फाइनान्स | ३०१,३८४,१२० | २५२,५६७,६७६ | १३९,८८८,३८७ | ४८,६२९,१७० | -२८,३०४,१२३ |
| मल्टीपर्पस फाइनान्स | ३५,८७०,२४७.९८ | ३५,७४०,३७७.६० | २५,६५७,३६३.२० | १८,६७१,७९८.१५ | |
| प्रोग्रेसिभ फाइनान्स | ९१,७७४,२८७ | ७८,८१३,३५१ | ४०,०८६,३६५ | -१४२,८८६,४८५ | -४६८,६९८,६१५ |
| मन्जुश्री फाइनान्स | ४५३,२७३,७६८ | ३९८,०५५,४६७ | १००,३४९,९८६ | ६५,२७९,४९९ | २३५,६२०,२१८ |
| रिलायन्स फाइनान्स | १२०,५१४,००० | ६७,५२४,००० | ६२,०५४,००० | १२०,०५४,००० | -२१५,९४०,००० |
| गोर्खाज फाइनान्स | १०४,१५३,०४० | १४८,२९९,४५२ | -११४,९८८,०५१ | ८३,०१०,३२३ | -६१६,२०९,३०० |
| जम्मा | १,९९८,४२४,८३३ | १,७४०,७००,८७३ | ८६५,१०७,९५७ | ७१४,२३३,९०८ | -४,१३२,१२९,४५८ |
कम्पनीहरुको खराब कर्जा निरन्तर बढिरहेको छ। चालु आवको पुससम्म १५ वटा फाइनान्स कम्पनीको औसत खराब कर्जा १३.३४ प्रतिशत पुगेको छ। पोहोर ६ महिनामा फाइनान्स कम्पनीहरुको औसत खराब कर्जा १२.३५ प्रतिशत थियो।
जानकी फाइनान्सको खराब कर्जा सबैभन्दा धेरै ५५.२६ प्रतिशत पुगेको छ। सबैभन्दा कम आइसीएफसी फाइनान्सको खराब कर्जा ३.५१ प्रतिशत छ।
| कम्पनी | २०८२/८३ पुससम्मको औसत खराब कर्जा | २०८१/८२ पुससम्मको औसत खराब कर्जा |
| गुडविल फाइनान्स | १६.७३% | १०.४६% |
| बेष्ट फाइनान्स | १३.८७% | ३.८६% |
| नेपाल फाइनान्स | ६.७०% | ६.७७% |
| पोखरा फाइनान्स | २५.१०% | ३३.४४% |
| श्री इन्भेष्टमेन्ट फाइनान्स | ३.८३% | ३.७१% |
| सेन्ट्रल फाइनान्स | १४.१८% | ११.९४% |
| जानकी फाइनान्स | ५५.२६% | ४०.८८% |
| समृद्धि फाइनान्स | ८.१७% | १९.३४% |
| गुहेश्वरी मर्चेन्ट बैंकिङ एण्ड फाइनान्स | ६.९४% | ८.१८% |
| आइसीएफसी फाइनान्स | ३.५१% | ३.०७% |
| मल्टीपर्पस फाइनान्स | ८.३०% | ५.४५% |
| प्रोग्रेसिभ फाइनान्स | ७.३९% | ७.५७% |
| मन्जुश्री फाइनान्स | ३.६४% | ३.८६% |
| रिलायन्स फाइनान्स | ९.०९% | १४.३१% |
| गोर्खाज फाइनान्स | १७.४६% | १४.४२% |
| औसत | १३.३४% | १२.३५% |