गत बर्ष केहि बैंक वाहेक अधिकांसले खुद नाफा बृद्धि गरेका छन् । बैंकहरुले अपरिष्कृत प्रस्तुत गरेको नाफा अनुसार लगानीकर्तामा कति लाभांस दिन्छ भनेर गणना सुरु भइसकेको छ । राष्ट्र बैंकले चुक्ता पुँजी चार गुणा बढाने नीति लिएका कारण यस पटक बैंकहरुले नाफाबाट नगदभन्दा वोनस सेयरलाई नै प्राथमिकता दिन्छन् ।
कसले कति देलान् ?
गत आर्थिक बर्षबाट ११ बैंक (एभरेष्ट, कृषि विकास, हिमालयन, इन्भेष्टमेन्ट, एसबिआइ, एनआइसी, सिटिजन्स, सिद्धार्थ, लक्ष्मी र बिओके) को नाफा नोक्शान हिसाव खाताबाट ऋणपत्र भुक्तानी जगेडा कोषमा रकमान्तर गर्नु पर्ने छ ।
त्यस्तै गएको आर्थिक बर्षमा इन्भेष्टमेन्ट बैंकको २५ करोड र हिमालयनको ५० करोडको ऋणपत्र परिपक्क भएकाले त्यो ऋणपत्रहरुको भुक्तानीका लागि छुट्याइएको ऋणपत्र भुक्तानी जगेडा कोषमा राखेको सञ्चित रकम नाफा नोक्शान हिसाव खातामा सारी वोनस सेयर वितरण गर्न सक्छन् ।
ठूला बैंकहरुको नाफाको अनुपातमा ऋणपत्र भुक्तानी जगेडा कोषमा रकमान्तर गर्नु पर्ने रकम कम भएपनि लक्ष्मी, बैंक अफ काठमाण्डू (बिओके) र सिद्धार्थ बैंकको लाभांस क्षमतामा धेरै नै अन्तर आउने देखिन्छ ।
केही बैंकहरुको आर्थिक बर्ष २०७०/७१ मा नाफा नोक्शान हिसाव खातामा बाँकी रहेको रकम यसपटक वाँड्न मिल्ने हुन्छ । यस्तो खातामा १० करोडभन्दा माथि कृषि विकास, एभरेष्ट, नबिल, इन्भेष्टमेन्ट, ग्लोबल आइएमइ र सनराइज बैंक लगायत बैंकको छ ।
वोनस सेयर मात्र वाँड्न मिल्ने पुँजी कोष खातामा एभरेष्ट बैंकको ५३ करोड छ भने ग्लोबल आइएमइको प्रिमियममा बिक्री गरेको तीन लाख ५० हजार कित्ता सेयरको एफपिओबाट २० करोड प्रिमियम आएको छ । यो रकम वोनस सेयर वितरण गर्न सकिन्छ ।
| बैंक |
चुक्ता पुँजी (रुपैयाँ अर्बमा) |
गत बर्षको अपरिष्कृत नाफा (रु अर्बमा) |
कुल बाँड्न मिल्ने रकम (रु अर्बमा) |
वास्तविक प्रति सेयर लाभांस क्षमता (रु) |
प्रति सेयर आम्दानी (रु) |
प्रति सेयर आम्दानीको ८०% |
| एभरेष्ट | 2.02 | 1.57 | 2.24 | 110.90 | 82.97 | 66.38 |
| एनआइसी एसिया | 2.66 | 0.69 | 1.72 | 64.75 | 26.05 | 20.84 |
| नबिल | 3.66 | 2.10 | 2.08 | 56.96 | 57.40 | 45.92 |
| कृषि विकास | 3.42 | 1.88 | 1.69 | 49.55 | 43.79 | 35.03 |
| चार्टर्ड | 2.24 | 1.29 | 1.04 | 46.45 | 57.51 | 46.01 |
| हिमालयन | 3.33 | 1.10 | 1.31 | 39.28 | 32.87 | 26.30 |
| इन्भेष्टमेन्ट | 4.77 | 1.96 | 1.79 | 37.55 | 41.12 | 32.90 |
| एनबी | 2.43 | 0.79 | 0.76 | 31.14 | 32.59 | 26.07 |
| एसबिआइ | 3.06 | 1.07 | 0.84 | 27.57 | 34.84 | 27.87 |
| ग्लोबल आइएमइ | 5.01 | 1.01 | 1.30 | 25.95 | 20.05 | 16.04 |
| सनराइज | 2.44 | 0.47 | 0.61 | 24.86 | 19.41 | 15.53 |
| सिटिजन्स | 2.55 | 0.72 | 0.60 | 23.38 | 28.34 | 22.67 |
| सिद्धार्थ | 2.03 | 0.77 | 0.43 | 21.00 | 38.09 | 30.47 |
| प्राइम | 3.14 | 0.80 | 0.65 | 20.80 | 25.52 | 20.41 |
| सानिमा | 2.55 | 0.60 | 0.52 | 20.48 | 23.69 | 18.95 |
| माछापुच्छ्रे | 2.78 | 0.61 | 0.54 | 19.33 | 22.10 | 17.68 |
| एनएमबी | 2.40 | 0.50 | 0.41 | 17.13 | 20.83 | 16.67 |
| एनसिसी | 2.03 | 0.41 | 0.34 | 16.70 | 20.24 | 16.19 |
| लुम्बिनी | 2.00 | 0.35 | 0.31 | 15.74 | 17.29 | 13.83 |
| कुमारी | 2.43 | 0.35 | 0.31 | 12.69 | 14.51 | 11.61 |
| मेगा | 2.61 | 0.35 | 0.29 | 10.93 | 13.24 | 10.59 |
| सेञ्चुरी | 2.12 | 0.26 | 0.21 | 9.79 | 12.12 | 9.70 |
| बिओके | 2.12 | 0.33 | 0.21 | 9.68 | 15.75 | 12.60 |
| जनता | 2.06 | 0.15 | 0.20 | 9.56 | 7.33 | 5.87 |
| लक्ष्मी | 3.04 | 0.43 | 0.23 | 7.58 | 14.21 | 11.37 |
| सिभिल | 2.89 | 0.24 | 0.20 | 6.89 | 8.22 | 6.58 |
| ग्रान्ड | 2.00 | (0.33) | (2.08) | – | (16.50) | (13.20) |
| नेपाल बैंक | 6.47 | 0.53 | (5.27) | – | 8.14 | 6.51 |
| प्रभु | 3.21 | 1.04 | (0.17) | – | 32.26 | 25.80 |
1. एभरेष्ट र कृषि विकास बेंकको प्रिफरेन्स सेयरसमेत जोडिएको छैन । 2. लक्ष्मी बैंकको ३० प्रतिशत वोनस सेयर गणना गरिएको छ । 3. माछापुच्छ्रे बैंकको २० प्रतिशत हकप्रद सेयर गणना गरिएको छैन ।
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बैंक अफ एसिया नेपालको एक सय कित्ता हुनेलाई ५० कित्ता मात्रै दिएर आफूसँग मर्ज गरेको एनआइसीसँग पुँजीगत जगेडा कोष्मा एक अर्ब ६ करोड ७८ लाख रुपैयाँ छ , जसबाट वोनस सेयर वितरण गर्न सकिन्छ ।
एभरेष्ट, कृषि विकास, नबिल, इन्भेष्टमेन्टवाहेक सबै बैंकले आफूले लाभांस वाँड्न सक्ने सबै कम बराबरको रकम यसैपाली वाँड्न सक्ने देखिन्छ ।
नेपाल स्टक एक्सचेन्जमा सुचिकृत बाणिज्य बैंकहरुमध्ये ग्रान्ड बैंक नोक्शानीमा छ भने सरकारी स्वामित्वको नेपाल बैंकको जगेडा कोष अझै ऋणात्मक नै छ ।
ग्रान्ड बैंक प्रभु बैंकमा गाभिने अन्तिम चरणमा रहेको छ । ग्रान्ड गाभिएपछिको प्रभुले अझै केही बर्ष लाभांस दिन नसक्ने देखिन्छ । नेपाल बैंकले पनि पाँचदेखि ६ बर्षसम्म लाभांस दिन नसक्ने देखिन्छ ।